लापरवाही की कीमत: कुंभ मेला भगदड़
प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण 30 लोगों की मृत्यु हो गई और 60 लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कैसे हुई भगदड़: मौनी अमावस्या स्नान के दौरान, रात 1 से 2 बजे के बीच, भारी भीड़ अखाड़ा मार्ग पर उमड़ पड़ी। अत्यधिक दबाव के कारण बैरिकेड्स टूट गए और भीड़ बेकाबू हो गई। इससे श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर पड़े और भगदड़ मच गई। प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे 90 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्भाग्यवश, 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई।
सरकार की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहा था और बचाव कार्यों को त्वरित रूप से अंजाम दिया गया। इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है।
विपक्ष का हमला: विपक्षी दलों ने इस घटना को प्रशासन की विफलता और वीआईपी संस्कृति का नतीजा बताया है। उन्होंने सरकार पर कुंभ मेले में अव्यवस्था और कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
सरकार अब इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय करने की दिशा में काम कर रही है।
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